नात: ढूंढते हैं लोग उन जैसा बशर बेकार है

📅 31-03-2021 08:20 PM 👁 1 Readers 💬 0 Comments 🔁 0 Shares
कविता

<p>ढूंढते हैं लोग उन जैसा बशर बेकार हैमुस्तफ़ा का मिस्ल कोई भी नहीं संसार में</p>
<p>बे खुदी होती है कैसी हसरते दीदार मेंडस लिया एक मार ने, एक यार को, एक ग़ार में</p>
<p>चौदहवीं के चांद में इतनी चमक है ही नहींनूर है जितना मेरे सरकार के रुखसार में</p>
<p>दर बदर जन्नत की खातिर क्यों भटकते हैं भलाखुल्द तो है आपके आ़माल में, किरदार में</p>
<p>अहले दानिश को पता देता है वह फ़िरदौस काजिसका दिल दीवाना होता है नबी के प्यार में</p>
<p>दोनों बाज़ू काट कर बातिल यज़ीदी खुश ना होंअब भी बाकी है बहुत हिम्मत अलमबरदार में</p>
<p>जैसे अहमद शहद घुल जाए दहेन में इस तरहचाशनी होती है नात के अशआ़र में</p>

Give Reaction (0)

Share (0)

Comments (0)

Published By

📰 Active Editor ★★★★★
S

Shuaib@Hamariaawaz

📍 Faizabad

📰 1200 Posts👁 2134 Readers📊 1.8 Avg Readers

Reporter of News Home

More in this category

नग़मा-ए-दीवाली

कविता: रौशनी बन के छाई दीवाली

नग़म- ए- देश भक्ति

Most Popular Posts

गोला ब्लॉक के कोहड़ी ग्रामसभा मे ट्रैक्टर पलटने से ट्रैक्टर सीख रहे बालक की मृत्यु

👁 169 Views

मऊ जनपद में 50 लाख तथा उससे अधिक लागत के निर्माण कार्याे की होगी समीक्षा

👁 117 Views

सिर्फ दिल्ली में ही नहीं, COVID-19 वैक्सीन पूरे देश में मुफ्त होगी: डॉ हर्षवर्धन

👁 80 Views

ओडिशा में आज से सिनेमा घर खोलने की मिली अनुमति

👁 68 Views

रूस के गेदज़ुख मे 5.1 तीव्रता का भुकंप

👁 67 Views

WA