किसानों का साथ दो

📅 24-12-2020 05:13 PM 👁 3 Readers 💬 0 Comments 🔁 0 Shares
कविता

<p>फ़रीदी सिद्दीकी़ मिस्बाही</p>
<p>जफा़ कशी में किसानों का रंग है बे जोङज़मीं के सीने से फ़सले अनाज खींचते हैं</p>
<p>ये जब भी उठते हैं जा़लिम से अपना हक़ लेनेबङी दिलेरी से शाहों का राज खींचते हैं</p>
<p>ऐ हुकमरानो! संभल जाओ मानो इन की बातये जि़द पे आऐं तो फिर तख्तो ताज खींचते हैं</p>
<p>ज़माना इन से सबक़ इत्तेहाद का सीखेये मौज बन के सफे इहतिजाज खींचते हैं</p>

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Shuaib@Hamariaawaz

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